Ajab kisse
Wednesday, 22 April 2015
Sunday, 8 March 2015
THIS IS GUNJAN INTERVIEW YOU MUST NOT MISS
आइए आज जानते है लखनऊ विष्वविद्यालय की छात्रा गुंजन अरोरा के जीवन के कुछ अनसुने व् अनजाने किस्से जो उन्ही के जबानी हम और आप सुनेगें - तो गुंजन जी आज आपका मेरे साथ यानि अनीता सिंह के साथ इंटरव्यू है जिसमे आप हमें अपने बारे में बताएंगी आपकी पसंद ,नापसंद के बारे , जिससे हमें आपको और करीब से जानने का मौका मिलेगा - अनीता -गुंजन जी आप अपने बारे में कुछ बताये जो हम नहीं जानते है। गुंजन-हाय मेरा नाम गुंजन अरोरा है मैं एक खुशमिजाज इंसान हूँ। मुझे गुस्सा न के बराबर आता है और कभी आ भी गया तो मैं अपने गुस्से को कंट्रोल कर लेती हूँ ,मुझे लोगो की मदद करना बहुत पसंद है ,मुझे जानवरो से बहुत प्यार है मैं छोटे बच्चो को भी काफी पसंद करती हूँ मैं हमेसा खुश रहने की कोशिश करती हूँ ,इसलिए मेरे चेहरे पर हर वक़्त मुस्कान होती है।
अनीता-आप सबसे ज्यादा इमोसनल कब होती है गुंजन-एडमिशन के टाइम पर मेरा नाम लिस्ट में बहुत मुस्किल से आता है हर बार जब एडमिशन की बारी आती है तो वो टाइम मेरे लिए इमोशनल हो जाता है ग्रैजवशन के टाइम पर मैं बहुत इमोशनल हो गई थी।
अनीता-आप सबसे ज्यादा इमोसनल कब होती है गुंजन-एडमिशन के टाइम पर मेरा नाम लिस्ट में बहुत मुस्किल से आता है हर बार जब एडमिशन की बारी आती है तो वो टाइम मेरे लिए इमोशनल हो जाता है ग्रैजवशन के टाइम पर मैं बहुत इमोशनल हो गई थी।
अनीता-ऐसा क्या हुआ था ग्रैजवशन में आप हमें बताना चाहेंगी-
गुंजन-बिलकुल बताना चाहूंगी।,मैंने एग्जाम दिए मेरे मार्कशीट में प्रॉब्लम हुआ नेट पर मेरा मार्कशीट नहीं आया था और तो और स्नातक के अंतिम वर्षे में मेरे प्रवेश पत्र में विषय की अदला बदली हो गई जो विषय मैंने दूसरे वर्ष में ड्राप कर दिया था वो विषय ठीक एग्जाम के टाइम पर प्रवेश पत्र में प्रिंट हो गया था जिससे एग्जाम के समय मुझे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। और हर बार मेरे साथ ऐसे ही परेशानी होती है लेकिन इन परीस्थियो से भी मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। अनीता-स्नातक आपने किस कॉलेज से किया वह के बारे में हमें कुछ बताइये - गुंजन-स्नातक मैंने नवयुग कन्या महाविद्यालय से किया वहा पर टीचर्स बहुत हेल्पफुल थे ,नोट्स टाइम पर मिल जाते थे टीचर्स हमेशा हर काम में मदद करते थे। अनीता-मास कम्मुनिकेशन करने का आपने कब और कैसे सोचा - गुंजन -मास्स कम्मुनिकेशन करने का विचार मेरे मन में स्नातक के एक विषय प्रयोजन मूलक हिंदी के पेपर 'संचार 'से आया। अनीता-इस छेत्र में आने का विचार कही न कही शुरू से था या अचानक से आया - गुंजन-नहीं ये विचार अचानक से आया और मैंने लखनऊ विश्वविधालय में आवेदन फार्म भर दिया और आज मैं आप सबके बीच हूँ। अनीता-गुंजन आपको कैसा माहौल पसंद है - गुंजन-मुझे शांति का माहौल पसंद है मैं शोर वाली जगहों से दूर रहना पसंद करती हूँ। अनीता-गुंजन आपका लक्ष्य क्या है - गुंजन-एक अच्छा रिपोर्टर बनना मेरे जीवन का लक्ष्य है। अनीता-गुंजन आप खुद को बदलना चाहेंगी- गुंजन-नहीं ,मै जैसी हूँ।,हमेशा वैसी ही रहना चाहूंगी। अनीता-आप की नजरो में सच्चाई जरूरी है या पैसा- गुंजन-सच्चाई और पैसा दोनों ही बहुत जरूरी है। अनीता- आप मीडिया में किस क्षेत्र में जाना चाहेंगी और उसी क्षेत्र में क्यों गुंजन-मैं मीडिया में प्रिंट में जाने की इच्छा रखती हूँ क्योंकि मेरी लेआउट -डिज़ाइनिंग बहुत अच्छी है और मैं अपने इस हुनर का इस्तेमाल प्रिंट में बखूबी कर सकूंगी। अनीता-आप सॉशल मीडिया के बारे में क्या कहेंगी ये एक सामान्य जीवन के लिए अभिशाप है या वरदान-
गुंजन-मेरे ख़याल से एक आम आदमी या सामान्य जीवन में ठीक उसी प्रकार से कार्य कर रहा है जैसे की एक सिक्के के दो पहलू होते है उसी प्रकार से ये वरदान और अभिशाप दोनों है. . अनीता- फेसबुक और व्हाट'स अप्प के बारे में आपकी क्या राय या विचार है- गुंजन-मेरी नजरो में ये दोनों संचार को फैला रहे है परन्तु इसमें सच्चाई के मुकाबले झूठ अधिक होता है। अनीता-आपके जीवन में जो कुछ आपने सोचा क्या वो सब आपको मिला- गुंजन-फिलहाल तो मैंने अपने अध्धयन क्षेत्र में स्नातक करने की सोची थी जो की पूरी हो गई अब मैं पी जी कर रही हूँ तो हां जो अब तक मैंने सोचा था विद्यार्थी की नजरीये से जो सोचा था वह काफी हद तक पूरा हुआ। अनीता-गुंजन हम आपके हॉबी के बारे में जानना चाहेंगे - गुंजन-मुझे चित्रकारी करना। पेट्स के साथ खेलना। कुछ नया और अनोखा करना। अनीता-'गुंजन मान लेते है की आपकी नौकरी आज तक मे लग जाती है 'और आपको किसी वजह से आपके घर बुलाया जाये तो इस वक़्त पर आप क्या करेंगी -
गुंजन-मैं उस वक़्त जो उस समय के हिसाब से मुझे सही लगेगा मैं उसे चुनुँगी।
अनीता--भारतीय क्रिकेट टीम का अब तक का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है क्या आगे भी ये विश्वकप में अपना सिक्का जमा पायेगी
गुंजन-बिलकुल जमा पाएगी इससे पहले इंडिया चार बार लगातार 2015 में मैच जीत चुकी है और ये वर्ल्ड-कप भी इंडिया जरूर जीतेगी ये मेरा विश्वाश है.
अनीता-आपकी नज़र में एक अच्छा इंसान किसे कहेंगे - गुंजन -एक अच्छा इंसान वो है जो दूसरो की मदद करे निस्वार्थ होकर बिना किसी भेदभाव के एक अच्छा इंसान परिस्थियों का सामना हंसकर करता है चाहे समय उसके खिलाफ ही क्यों न हो। अनीता-अच्छा हमें पता चला है की आप सरकारी नौकरी ही करना चाहती है इसके पीछे कोई खाश वजह -
गुंजन-मैं उस वक़्त जो उस समय के हिसाब से मुझे सही लगेगा मैं उसे चुनुँगी।
अनीता--भारतीय क्रिकेट टीम का अब तक का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है क्या आगे भी ये विश्वकप में अपना सिक्का जमा पायेगी
गुंजन-बिलकुल जमा पाएगी इससे पहले इंडिया चार बार लगातार 2015 में मैच जीत चुकी है और ये वर्ल्ड-कप भी इंडिया जरूर जीतेगी ये मेरा विश्वाश है.
अनीता-आपकी नज़र में एक अच्छा इंसान किसे कहेंगे - गुंजन -एक अच्छा इंसान वो है जो दूसरो की मदद करे निस्वार्थ होकर बिना किसी भेदभाव के एक अच्छा इंसान परिस्थियों का सामना हंसकर करता है चाहे समय उसके खिलाफ ही क्यों न हो। अनीता-अच्छा हमें पता चला है की आप सरकारी नौकरी ही करना चाहती है इसके पीछे कोई खाश वजह -
गुंजन-नहीं'ऐसी कोई खाश बात तो नहीं है बस मेरे परिवार में ज्यादातर लोग सरकारी नौकरी में है इसलिए मेरी भी चाह इसी क्षेत्र के लिए रही है।
अनीता - आप पंजाबी परिवार से है तो आपका रहन सहन किस प्रकार का है -
गुंजन - हमारा रहन सहन आप ही की तरह साधारण सा है हमारे घर में होली दिवाली रक्षाबंधन सभी त्यौहार धूम धाम से मनाया जाता है ख़ास तौर पर बैशाखी और लोहरी हमारे घर में मनाई जाती है।
अनीता- आपके बारे में कुछ छोटी मगर ख़ास बातें सबको बताना चाहेंगे जैसे की आप खाने में क्या पसंद करती है?
गुंजन - राजमा चावल मुझे खाने में बहुत पसंद है
अनीता- आपकी मनपसंद फिल्म कौन सी है ?
गुंजन- 3 IDIOT
अनीता -आपके फेवरेट अभिनेता कौन है
गुंजन - आमिर खान
अनीता - आपकी फेवरेट अभिनेत्री कौन है ?
गुंजन - अलिया भट्ट
अनीता - आपकी फेवरेट ड्रेस कौन सी है ?
गुंजन - इंडियन ड्रेस।
अनीता - खली समय में क्या करना पसंद करती है ?
गुंजन- खली समय चित्रकरी करना कुछ नया बनने की कोशिश करना और शॉपिंग करना पसंद करना करती हूँ।
तो दोस्तों ये थी गुंजन अरोरा जिनके बारे में आपको जान के अच्छा लगा होगा मुझे यकीन है की इस इंटरव्यू के माध्यम से आप इन्हे पहले से बेहतर जान गए होंगे इनके व्यकिगत रहन सहन विचार से आप अवगत हुए होंगे और इन्हे करीब से जान पाये होंगे।
गुंजन जी आपके आगे के जीवन के लिए आपको हार्दिक शुभकामनाये।
INTERVIEW BY
ANITA SINGH
अनीता -आपके फेवरेट अभिनेता कौन है
गुंजन - आमिर खान
अनीता - आपकी फेवरेट अभिनेत्री कौन है ?
गुंजन - अलिया भट्ट
अनीता - आपकी फेवरेट ड्रेस कौन सी है ?
गुंजन - इंडियन ड्रेस।
अनीता - खली समय में क्या करना पसंद करती है ?
गुंजन- खली समय चित्रकरी करना कुछ नया बनने की कोशिश करना और शॉपिंग करना पसंद करना करती हूँ।
तो दोस्तों ये थी गुंजन अरोरा जिनके बारे में आपको जान के अच्छा लगा होगा मुझे यकीन है की इस इंटरव्यू के माध्यम से आप इन्हे पहले से बेहतर जान गए होंगे इनके व्यकिगत रहन सहन विचार से आप अवगत हुए होंगे और इन्हे करीब से जान पाये होंगे।
गुंजन जी आपके आगे के जीवन के लिए आपको हार्दिक शुभकामनाये।
INTERVIEW BY
ANITA SINGH
Saturday, 14 February 2015
Zindagi se shikayat
आत्महत्या यानि स्वयं की हत्या या दूसरे शब्दों मैं कहे तो खुद्खिशी ये नाम हैं उस परेशानी समस्या का जो कुछ ना कहते हुए भी बहुत कुछ बयां कर जाती हैं ये सिलसिला सालो से चला आ रहा है जब आये दिन देखते है कि लोग आत्महत्या की कोशिश करते है और उसमे कामयाब होते नजर आते है / समाचार चैनलों , अखबारों आप प्रतिदिन कई लोगो को आत्महत्या का शिकार पाते है क्या कमी है हमारे परवरिश में ,संस्कारो में की आज इस कदर लोग अपने जानो को अपना मानकर किसी की परवाह के बगैर स्वयं की इच्छा से इस वारदात को अंजाम देते हैं। क्या ज़िन्दगी का मूल्य इन लोगो के सामने इतना हैं की इसे खत्म कर देना ही समस्याओ का समाधान हैं। बात चाहे शहरो की हो या ग्रामीण इलाको की कभी ;हालात तो कभी मानसिकता आपको ये अपराध करवा देती है। क्या आपकी जान सिर्फ आपकी है क्या ये सवाल आपको परेसान नहीं करता कि हमारा जीवन हमारा नहीं तो इस ज़िन्दगी का हक़ भी हम स्वयं को क्यों दे इसे बनाने और मिटाने वाला कोई और है। क्या ये अनमोल ज़िंदगी हमें इस तरह बर्बाद करने को मिली है। क्या ये मानसिक विकृति हमें इंसान से मुर्ख इंसान बना देती है जो कुछ सोचे समझे बिना अपनी जान को समाप्त कर लेते है / आज समाज मै पढने लिखने वाले शादी -शुदा औरते,प्रेमी -प्रेमिका। अक्सर ये कदम उठाते है /
आपने कई बार सुना होगा परीक्षाः में अच्छे अंको से उत्तीर्ण ना होने पर या यू कहे की माँ - बाप शिक्षक दोस्तों के बीच शर्मसार होने का भय एक बालक को ये दुष्कार्य करने के लिए प्रेरित करता है / उसकी मानसिक स्थिति आसपास के माहौल से बनती है दिमाग में ये नम्बरो का चक् घुमाने के कार्य की शुरुआत सर्वप्रथम घर से ही होती है एक बालक की परवरिश प्यार व अपनेपन से होती है और उसका यही खालीपन उसके मौत का कारण बनता है/ एक प्रेमी प्रेम में धोखा खाकर इतना टूट जाता है की उसे अपनी ज़िन्दगी खत्म करने के आलावा दूसरा कोई रास्ता नही मिलता / क्या ये ६ महीने, १ साल , ५ साल ,का प्यार इनके जीवन में इतना महत्वपूर्ण जाता है की ये अपने २० २२ साल से साथ रहने वाले अत्यधिक प्रेम करने वाले माता- पिता को भूल जाते है क्या वो प्यार प्यार है जो आपको बीच रास्ते में छोड़ दे / आप क्यों क्ही सोचते की ज़िन्दगी अनमोल है यह सिर्फ एक बार मिलती है इसलिए इसे अमूल्य समझेऔर और इसे समाप्त न करके ऐसा कुछ कर जाये की लोग हमे कायर या बुजदिल नही बल्कि जिंदादिली और खुश मिजाज इन्शान समझे / हमारे समाज में लड़कियों की सोच शुरू से ही ऐसी बनाई जाती है उन्हें हमेशा त्याग और बलिदान देना पड़ेगा विवाह के बाद चाहे जितने भी कष्ट झेले , दहेज़ के लिए प्रतिदिन प्रताड़ित की जाय , मार पीट का शिकार बन जाय ;फिर भी सब चुपचाप सहन करती है अंदर ही अंदर घुटती है /मुह से कुछ नहीं कह पाती है इसका कारण है हमारा समाज की गन्दी पुरानी सोच जहाँ पर लड़की के विषय में कहा जाता है की अगर तुम्हारी डोली उठेगी तो दोबारा तुहारी अर्थी ही वापस आएगी इसी कारण लड़कियों के मन में सवाल होते है की अगर मैंने सवाल उठाया तो समाज क्या कहेगा मेरे माँ बाप की इज्जत का क्या होगा यही सब बाते सोच कर लड़की की यही मानसिक विडम्बना है जो उन्हें खुदखुशी करने के लिए प्रेरित करती है हमें ध्यान देना होगा इन विषयो पर अपने सोच में परिवर्तन लाना होगा ताकि कोई भी मनुष्य ऐसा न करे। /
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